मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना शुरू हुई, बच्चों को हफ्ते में 2 दिन दूध मिलेगा

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana:- बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बहुत सी योजनाएं शुरू की हैं। उन्हीं में से एक है मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना। इस योजना के अंतर्गत सरकार बच्चों को मिडडे मील के साथ-साथ सप्ताह में 2 दिन दूध का वितरण भी करेगी। यदि आप भी राजस्थान के निवासी हैं और आपका बच्चा कक्षा एक से आठवीं में पड़ रहा है तो यह योजना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। Mukhyamantri Bal Gopal Yojana से जोड़ी सभी जानकारी के लिए इस लेख को ध्यान से पढ़ें।

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana 2023

मुख्यमंत्रीबाल गोपाल योजना का शुभारंभ 29 नवंबर 2022 दिन मंगलवार को सिविल लाइन जयपुर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत सभी विद्यार्थी जो कि कक्षा एक से कक्षा आठ मैं पढ़ रहे हैं उन्हें निशुल्क दूध उपलब्ध कराया जाएगा। दूधका वितरण सप्ताह में दो बार किया जाएगा (मंगलवार औरशुक्रवार)। इस योजना की घोषणा के दौरान शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती जाहिदा खान, मुख्य सचिव ऊषा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा के साथ राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद एवं निदेशक, प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा भी मौजूद थे। इस संदर्भ में और जानकारी एकत्रित करने के लिए नीचे दिए गए विवरण को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना

राजस्थान मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के बारे में जानकारी

योजना का नामMukhyamantri Bal Gopal Yojana
किसने शुरू कीमुख्यमंत्री अशोक गहलोत
कब शुरू की29 नवंबर 2022
उद्देश्यछात्र छात्राओं को पोषण प्रदान करना
लाभबच्चों मेंदूध बांटना
लाभार्थीकक्षा एक से आठवीं तक के बच्चे
कहां शुरू हुईराजस्थान में

Rajiv Gandhi Scholarship for Academic Excellence 

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana का उद्देश्य

बहुत से छात्रपर्याप्त स्त्रोतों के ना होने के कारण कुपोषण का शिकार होते हैं।इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा छात्रों को मिडडे मील दी जाती है।जिससे कि उन्हें एक वक्त का पर्याप्त खाना मिले।अब राजस्थान सरकार छात्रों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें सप्ताह में दो बार दूध भी देगी।दूध के वितरण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में हो रही प्रोटीन की कमी को पूरा करना है।मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का उद्देश्य छात्रों को पोषण प्रदान करना है।जब छात्रों को पीने के लिए दूध मिलेगा तो उनके शरीर में प्रोटीन की कमी नहीं होगी जो कि उनके लिए बहुत फायदेमंद होगी।दूध से छात्रों की सेहत में बेहतरी होगी जो की बीमारियों से लड़ने में उनकी सहायता करेंगी।

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत दूध की मात्रा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा Mukhyamantri Bal Gopal Yojana शुरू की गई जिसके अंतर्गत कक्षा एक से आठवीं के छात्रों को मिड-डे-मील के साथ-साथ सप्ताह में दो बार दूध भी दिया जाएगा।दूध का वितरण दिन मंगलवार और शुक्रवार को किया जाएगा।दूध की निर्धारित मात्रा नीचे दि गई है।

कक्षा स्तरपाउडर मिल्क की मात्रा  (प्रति छात्र)तैयार दूध की मात्रा (प्रति छात्र)चीनी की मात्रा
प्राथमिक (कक्षा एक से 5 तक)15 ग्राम150 मिली लीटर8.4 ग्राम
उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक)  20 ग्राम200 मिलीलीटर10.2 ग्राम

Mukhyamantri Bal Gopal Yojana की विशेषताएं

  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना बच्चों के लिए शुरू की गई है
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पोषण प्रदान करना है
  • इस योजना के अंतर्गत सप्ताह में दो बार मिड डे मील के साथ-साथ कक्षा एक से आठवीं के छात्रों को दूध भी दिया जाएगा
  • दूध के वितरण से छात्रों की प्रोटीन की कमी पूरी होगी
  • दूध सप्ताह में 2 दिन दिया जाएगा मंगलवार और शुक्रवारको
  • यदि मंगलवार या शुक्रवार को किसी कारणवश विद्यालयों में,प्राइमरी विद्यालयों में, मदरसों में, विशेषप्र शिक्षण केंद्रों में अवकाश होता है तो दूध का वितरण अगले दिन किया जाएगा।
  • कक्षा 1 से 5वी के विद्यार्थियों को 15 ग्राम पाउडर मिल्क से डेढ़ सौ मिली लीटर दूध और कक्षा 6 से आठवीं तक के छात्रों को 20 ग्राम पाउडर मिल्क से तैयार 200 ग्राम मिली लीटर दूध स्कूल में चीनी डालकर पीने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इस योजना की शुरुआत पूरे राज्य में एक साथ की गई है
  • यह योजना राजस्थान के लगभग ६०००० बच्चों को फायदा पहुंचाएगी।
  • राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फाउंडेशन लिमिटेड से पाउडर मिल्क खरीदा जाएगा जो कि स्कूलों में पहुंचाया जाएगा और फिर बच्चों में वितरण किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की पात्रता

सभी छात्र जो नीचे दिए गए पात्रता मानदंडों पर खरे उतरते हैं, Mukhyamantri Bal Gopal Yojana का लाभ ले सकते हैं।

  • विद्यार्थी राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
  • विद्यार्थी कक्षा एक से कक्षा आठवीं में पढ़ रहा हो।
  • विद्यालयों में, प्राइमरी विद्यालयों में, मदरसों में, विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में इस योजना के अंतर्गत दूध वितरण होगा।

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