मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन, लाभ व पात्रता

Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana:- बिहार सरकार द्वारा राज्य में गांव की बेकार या बंजर जमीन पर तालाब बनाने को लेकर एक कदम उठाया गया है। बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना को शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री चौर विकास योजना के तहत जिले में 50 हेक्टेयर में नए तालाब का निर्माण कराया जाएगा। जिससे चौर क्षेत्र के इलाकों को समेकित विकास हो सकेगा। बिहार के चौर अधिकता वाले जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाब निर्माण किया जाएगा। इस योजना के शुरू होने से किसानों के द्वारा चौर क्षेत्र के बंजर भूमि को अब उपयोग में लाया जाएगा। इससे लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्राप्त होगा। Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana के अंतर्गत लाभार्थियों को 50 प्रतिशत अनुदान की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह आर्टिकल विस्तार पूर्वक पढ़ना होगा।

Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana

Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana 2023

बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत सूबे के चौर अधिकता वाले जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाब निर्माण होगा। 50 हेक्टेयर में नए तालाब का निर्माण कराया जाएगा। मत्स्य विभाग द्वारा किसानों को 50 फ़ीसदी अनुदान दिया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने पायलट के रूप में सीवान सहित अन्य छह जिलों में इस योजना को शुरू किया है।

तालाब निर्माण को लेकर 50 हेक्टेयर में विभाग ने 2.48 करोड़ रुपए अनुदान की राशि देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चौर विकास के लिए विभाग द्वारा तीन प्रकार का मॉडल तैयार किया गया है। जिसमें एक हेक्टर में 2 तालाब, चार तालाब और एक तालाब का निर्माण एवं भूमि विकास की योजना बनाया गया है। Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक नागरिक को ऑनलाइन आवेदन 22 दिसंबर तक करना होगा।

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मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के बारे में जानकारी

योजना का नामMukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana
शुरू की गईबिहार सरकार द्वारा
विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
लाभकिसानों को 50 फ़ीसदी अनुदान
उद्देश्यमत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाब निर्माण
लाभार्थीसीवान सहित अन्य छह जिलों के किसान
राज्यबिहार
साल2023
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइटhttp://fisheries.bihar.gov.in/

Samekit Chaur Vikas Yojana का उद्देश्य

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराना है। जिले में 50 हेक्टेयर में नए तालाब का निर्माण कराया जाएगा। मत्स्य विभाग द्वारा किसानों को 50 फ़ीसदी अनुदान दिया जाएगा। समेकित चौर विकास योजना के तहत बड़े पैमाने पर मछली पालन के साथ-साथ कृषि, बागवानी व कृषि वानिकी को विकसित किया जाएगा। इससे बेकार पड़े जल क्षेत्र में मत्स्य पालन होगा।

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30 किसानों को दिया जाएगा मत्स्य पालन का प्रशिक्षण

दीप नारायण सिंह सहकारी प्रशिक्षण संस्थान पटना में मत्स्य पालन के नवीन तकनीक के संबंध में जानकारी देने के लिए 30 किसानों को 14 दिसंबर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला मत्स्य कार्यालय ने इसको लेकर 30 किसानों का चयन किया है। मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत किसानों को 6 दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान अपने तालाब में मत्स्य पालन कर सकेंगे। मत्स्य विभाग के माध्यम से अन्य योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया है कि सभी प्रखंडों से इस योजना में किसानों से शामिल होने के लिए आवेदन लिया गया है। जिसके आधार पर किसान चयनित किए गए जाएंगे। मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन के साथ-साथ कृषि, बागवानी व कृषि वानिकी को विकसित किया जाएगा। इससे बेकार पड़े जल क्षेत्र में मत्स्य पालन होगा।

रोजगार का होगा सृजन

मुख्यमंत्री समेकित विकास चौर योजना के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी होगा। दूसरे प्रांतों से आने वाले मछलियों की आवक कम होगी। जिसके लिए मछली की मांग एवं उत्पादन की खाई पाटी जाएगी। इसके अलावा राज्य के किसानों को कृषि बागवानी एवं कृषि वानिकी के लिए अनुदान अलग से प्रदान किया जाएगा।

परंपरागत मछुआरों को दी जाएगी प्राथमिकता

Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana के तहत बिहार विभाग के माध्यम से परंपरागत मछुआरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्र में चौर का समेकित विकास किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों को इस योजना के अंतर्गत चौर भूमि के समेकित विकास हेतु 3 मॉडल प्रस्तावित किया गया है। इन मॉडल के अनुसार जिले में तालाब का निर्माण होगा। इसके अलावा निकाले गए मिट्टी से बांध एवं भूमि को भरा जाएगा। तालाब की गहराई और बांध की ऊंचाई अलग-अलग मॉडल के अनुसार होगी।

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के माध्यम से लाभुक को तालाब निर्माण होने पर 2 वित्तीय वर्षों तक मत्स्य इनपुट की अन्य योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर अनुदान की अनु मान्यता होगी। मुख्यमंत्री समिति चोर विकास योजना के माध्यम से एक परिवार को अथवा एक व्यक्ति को न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर तथा अधिकतम 2 हेक्टेयर रकबा में योजना का लाभ दिया जाएगा। अधिकतम 20 हेक्टेयर रकबा में न्यूनतम 5 सदस्य होने पर योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के लाभ एवं  विशेषताएं

  • बिहार सरकार द्वारा Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana शुरू की गई है।
  • इस योजना के तहत सूबे के चौर अधिकता वाले जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाब निर्माण होगा।
  • 50 हेक्टेयर में नए तालाब का निर्माण कराया जाएगा।
  • मत्स्य विभाग द्वारा किसानों को 50 फ़ीसदी अनुदान दिया जाएगा।
  • पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने पायलट के रूप में सीवान सहित अन्य छह जिलों में इस योजना को शुरू किया है।
  • तालाब निर्माण को लेकर 50 हेक्टेयर में विभाग ने 2.48 करोड़ रुपए अनुदान की राशि देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • चौर विकास के लिए विभाग द्वारा तीन प्रकार का मॉडल तैयार किया गया है। जिसमें एक हेक्टर में 2 तालाब, चार तालाब और एक तालाब का निर्माण एवं भूमि विकास की योजना बनाया गया है।
  • मत्स्य पालन के नवीन तकनीक के संबंध में जानकारी देने के लिए किसानों को 14 दिसंबर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान अपने तालाब में मत्स्य पालन कर सकेंगे।
  • इस योजना के शुरू होने से किसानों के द्वारा चौर क्षेत्र के बंजर भूमि को अब उपयोग में लाया जाएगा।
  • लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्राप्त होगा।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक नागरिक को ऑनलाइन आवेदन 22 दिसंबर तक करना होगा।

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Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana के लिए पात्रता

  • मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के लिए आवेदक को बिहार का मूलनिवासी होना चाहिए।
  • आवेदन करने के लिए राज्य के किसान पात्र होंगे।
  • इस योजना के लिए केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोग पात्र होंगे।
  • इस योजना के तहत परंपरागत मछुआरे भी आवेदन के लिए पात्र होंगे।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • निवास प्रमाण पत्र
  • समूह में कार्य करने की सहमति पत्र
  • भू स्वामित्व प्रमाण पत्र
  • विगत 3 वर्षों का अंकेक्षण एवं आयकर रिटर्न

Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको Directorate Of Fisheries Bihar की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जाएगा।
Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana
  • होम पेज पर आपको मत्स्य योजनाओं हेतु आवेदन के ऑप्शन पर मत्स्य योजनाओं में आवेदन हेतु पंजीकरण करें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • क्लिक करते ही आपके सामने मछली पालन योजना हेतु पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा।
  • इस पंजीकरण फॉर्म में आपको पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। जैसे आवेदक की श्रेणी, वर्ग का चयन करना होगा।
Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana
  • इसके बाद आपको आवेदक का पूरा नाम, आवेदक का जन्म दिनांक, आधार संख्या, आवेदक के पिता/पति का नाम, लिंग, शैक्षिक योग्यता, पेशा, स्थाई पता, बैंक खाता विवरण आदि दर्ज करना होगा।
  • सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
  • जिसके बाद आपको ओटीपी भेजें के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • क्लिक करने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ जाएगा जिसे आपको दर्ज करके सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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